Bihar Rajya Fasal Sahayata Yojana Online Apply 2026

🚜Bihar Rajya Fasal Sahayata Yojana 2026 Online Apply

Crop Insurance
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Category: Bihar Govt Schemes | For Farmers

🔥 Bihar Cooperative Dept Update 2026: बिहार सरकार ने किसानों को बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" शुरू की है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसानों को कोई बीमा प्रीमियम (Zero Premium) नहीं देना पड़ता है। फसल का नुकसान होने पर सरकार सीधा ₹7,500 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा किसानों के बैंक खाते में भेजती है। आवेदन 'सहकारिता विभाग' के पोर्टल पर शुरू हो गए हैं! 🎊

Scheme Overview (योजना का उद्देश्य): यह योजना केंद्र सरकार की PM Fasal Bima Yojana का ही बिहार मॉडल है, जिसे सहकारिता विभाग (Cooperative Department) चलाता है। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। खरीफ (Kharif) और रबी (Rabi) दोनों मौसम की फसलों के लिए किसान अपनी बोई गई फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।

Financial Benefits (मुआवजे की राशि) 💳

  • ✔️ Premium Amount: ₹0 (पूरी तरह से मुफ्त)
  • ✔️ Up to 20% Crop Loss: ₹7,500/- प्रति हेक्टेयर
  • ✔️ More than 20% Crop Loss: ₹10,000/- प्रति हेक्टेयर
  • ⚠️ Note: एक किसान को इस योजना के तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) ज़मीन तक के लिए ही मुआवजा दिया जाता है।

Important Quick Facts 📅

BeneficiariesFarmers of Bihar
Farmer TypesRaiyat & Bataidar Both
Seasons CoveredKharif & Rabi Crops
Application Portalpacsonline.bih.nic.in
Verification ByCooperative Extension Officer

🚨 Eligibility & Rules (योजना के अति-महत्वपूर्ण नियम) 🚨

फसल सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को फसल बोने के तुरंत बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके नियम कृषि विभाग से थोड़े अलग हैं:

1. Valid Co-operative Portal Registration (सहकारिता पोर्टल पर पंजीकरण)
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का 'सहकारिता विभाग' के पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है। यदि आप पहली बार आ रहे हैं, तो आपको अपने आधार कार्ड, बैंक खाते और मोबाइल नंबर की मदद से नया पासवर्ड (Password) बनाना होगा। इसके बाद ही आप अपनी फसल का ब्यौरा दे सकते हैं।
2. Rules for Raiyat Farmers (रैयत किसान - जिनकी अपनी ज़मीन है)
यदि किसान अपनी ज़मीन पर खेती कर रहा है, तो उसे ऑनलाइन फॉर्म में ज़मीन का करंट LPC (Land Possession Certificate) या नवीनतम लगान रसीद अपलोड करनी होगी। साथ ही यह बताना होगा कि उन्होंने कितने रकबे (डिसमिल/एकड़) में कौन सी फसल (जैसे धान, मक्का, गेंहू) बोई है।
3. Rules for Gair-Raiyat (बटाईदार किसानों के लिए नियम)
बटाईदार (गैर-रैयत) किसानों के लिए ज़मीन की रसीद ज़रूरी नहीं है। उन्हें पोर्टल से एक 'स्वघोषणा पत्र (Self-Declaration Form)' डाउनलोड करके उस पर वार्ड सदस्य / किसान सलाहकार के हस्ताक्षर करवाने होते हैं। इस फॉर्म में खेत के मालिक का नाम और ज़मीन का विवरण दर्ज होता है।
4. Crop Damage Assessment (नुकसान का आंकलन)
आपदा (बाढ़/सूखा) आने के बाद, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (CEO) और कृषि विभाग द्वारा फसल कटनी प्रयोग (Crop Cutting Experiment) के आधार पर पंचायत स्तर पर नुकसान का प्रतिशत तय किया जाता है। यदि पंचायत में 20% से कम नुकसान घोषित होता है, तो ₹7,500 प्रति हेक्टेयर और 20% से अधिक होने पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर दिया जाता है।

📝 Required Documents For Upload (पोर्टल पर अपलोड करने हेतु)

फसल सहायता पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरते समय किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड करना होता है (Max Size: 400KB in PDF):

  • ✔️ Farmer Photo & Signature: किसान का हाल ही का फोटो (50KB से कम) और हस्ताक्षर।
  • ✔️ Aadhaar Card: आधार कार्ड की स्पष्ट फोटोकॉपी (नाम और जन्म तिथि सही होनी चाहिए)।
  • ✔️ Bank Passbook: बैंक पासबुक का पहला पेज (खाता NPCI/Aadhaar से लिंक होना चाहिए)।
  • ✔️ Land Documents (For Raiyat): ज़मीन की नई लगान रसीद (Current Land Receipt) या LPC (1MB से कम PDF फाइल)।
  • ✔️ Self-Declaration Form: गैर-रैयत (बटाईदार) और रैयत+गैर-रैयत दोनों के लिए वार्ड सदस्य/किसान सलाहकार से प्रमाणित स्वघोषणा पत्र।

🛠️ How To Apply Online Step-by-Step (आवेदन प्रक्रिया)

फसल का बीमा (मुफ्त) कराने के लिए किसानों को प्रत्येक सीजन (खरीफ और रबी) में अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना होता है:

  1. Visit Co-operative Portal: सबसे पहले बिहार सहकारिता विभाग के आधिकारिक पोर्टल pacsonline.bih.nic.in/fsy/ पर जाएं।
  2. Registration / Password Creation: यदि आप पहली बार आ रहे हैं, तो "कृषि विभाग में किसान निबंधन के आधार पर आवेदन" पर क्लिक करें। अपना DBT किसान पंजीकरण संख्या डालें, मोबाइल नंबर वेरिफाई करें और एक नया पासवर्ड (Password) बनाएं।
  3. Login to Dashboard: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बनाए गए पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर Login करें।
  4. Enter Basic & Bank Details: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पंचायत का नाम, और आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण अपडेट करें।
  5. Fill Crop Details (फसल की जानकारी): अपनी ज़मीन का प्रकार चुनें (रैयत या गैर-रैयत)। खाता संख्या, खेसरा संख्या, और बोई गई फसल (जैसे- धान, गेहूं) का रकबा (डिसमिल में) दर्ज करें।
  6. Upload Documents: अपना फोटो, हस्ताक्षर, ज़मीन की रसीद या वार्ड सदस्य से प्रमाणित स्वघोषणा पत्र पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में अपलोड करें।
  7. Final Submit: सारी डिटेल्स चेक करने के बाद एप्लीकेशन को "Finalize / Final Submit" कर दें। इसके बाद आपको एक Application ID मिल जाएगी जिसे सुरक्षित रख लें।
  8. Get Payment: यदि आपके पंचायत को सूखाग्रस्त या बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाता है, तो विभाग बिना किसी ऑफिस के चक्कर लगवाए सीधे आपके बैंक खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर देगा।

IMPORTANT DIRECT LINKS 🔗

Apply Online (Fasal Sahayata Portal)Click Here
Download Self-Declaration (स्वघोषणा पत्र)Download PDF
Check Application / Payment StatusTrack Status
New Kisan Registration (DBT Portal)Register Here
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❓ Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: क्या फसल सहायता योजना में कोई प्रीमियम (Premium) देना पड़ता है? 📅

A: बिल्कुल नहीं। यह योजना किसानों के लिए पूरी तरह से मुफ्त है। सरकार द्वारा इसका कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। 🎯

Q2: मैं बटाईदार किसान हूँ, क्या मुझे मुआवजा मिल सकता है? 💰

A: जी हाँ। आप 'गैर-रैयत (बटाईदार)' श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको मुखिया या वार्ड सदस्य से प्रमाणित 'स्वघोषणा पत्र' अपलोड करना होगा। 🆓

Q3: कितने एकड़ ज़मीन तक का मुआवजा मिलेगा? 🔄

A: एक किसान परिवार को अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 4.94 एकड़) ज़मीन तक के लिए ही नुकसान का मुआवजा दिया जाता है। 🏃‍♀️

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